महोबा: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से पुलिस अधिकारी की सादगी और मानवीयता का एक अनोखा दृश्य सामने आया है। कुलपहाड़ सर्किल के क्षेत्राधिकारी रविकांत गौड़ का बैलगाड़ी चलाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। जांच के लिए गांव पहुंचे सीओ ने रास्ते में फंसी बैलगाड़ी को हटवाने के बजाय खुद उसकी कमान संभाल ली, जिसकी अब हर ओर चर्चा हो रही है।
जांच के दौरान रास्ते में फंसी बैलगाड़ी बनी वजह
पूरा मामला पनवाड़ी थाना क्षेत्र के सलैया खालसा गांव का बताया जा रहा है। सीओ रविकांत गौड़ एक एससी-एसटी मामले की विवेचना के लिए अपनी सरकारी गाड़ी से मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान रास्ते में एक बैलगाड़ी खड़ी होने से उनका काफिला आगे नहीं बढ़ सका। पुलिसकर्मियों ने जब बैलगाड़ी हटवाने की कोशिश की तो पता चला कि गाड़ी का मालिक खेत पर गया हुआ है और बैलगाड़ी में केवल महिलाएं मौजूद हैं।
सीओ ने संभाली बैलगाड़ी की कमान
स्थिति को देखते हुए और लोगों की परेशानी समझते हुए सीओ रविकांत गौड़ ने खुद आगे बढ़कर बैलगाड़ी की लगाम थाम ली। उन्होंने बिना किसी झिझक के बैलगाड़ी को किनारे लगाया और रास्ता साफ कराया। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने उनका यह मानवीय और सरल अंदाज देखा, जो तुरंत चर्चा का विषय बन गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ 24 सेकंड का वीडियो
घटना का 24 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसमें सीओ रविकांत गौड़ वर्दी में बैलगाड़ी चलाते नजर आ रहे हैं। उनका यह सरल और जमीनी अंदाज लोगों को काफी पसंद आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद से ही उनकी जमकर सराहना हो रही है।
ग्रामीणों से बातचीत में साझा की पुरानी यादें
इस दौरान सीओ ने बैलगाड़ी पर सवार होकर पीछे बैठी महिलाओं से बातचीत भी की। उन्होंने ग्रामीण जीवन और कृषि संस्कृति से जुड़े अनुभव साझा किए और बताया कि आज भी कई क्षेत्रों में बैलगाड़ी एक उपयोगी और पर्यावरण के अनुकूल साधन है। उनका यह व्यवहार वहां मौजूद लोगों के लिए भी प्रेरणादायक रहा।
लोगों ने की जमकर सराहना
सीओ रविकांत गौड़ के इस व्यवहार को लेकर स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी खूब प्रशंसा की है। लोग इसे पुलिस की संवेदनशील और जनसरोकार से जुड़ी छवि का उदाहरण बता रहे हैं। उनकी सादगी और जमीन से जुड़े व्यवहार ने एक बार फिर ‘मित्र पुलिस’ की भावना को मजबूत किया है।
